कब्रिस्तान घेराबंदी को लेकर उपजा विवाद
अंचल क्षेत्र के सहोरवा गांव में शनिवार को कब्रिस्तान घेरा बंदी को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। जिसको देखते हुए वहां अंचलाधिकारी संदीप कुमार एवं सोनबरसा थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने पहुंचकर मामले को सुलझाया। उनके पहुंचने से पहले गांव के दो पक्ष के लोग आमने सामने आ गए थे।
लेकिन अब मामला पूरी तरह शांत हो चुका है। ऐसा सीओ ने लौटने के बाद बताया।सीओ के अनुसार वहां बिहार सरकार की भीठ की जमीन है। जो खतियान में भी दर्ज है। लेकिन वहीं से होकर गांव के दूसरे समुदाय के लोगों को खेत व पोखर तक जाने का रास्ता है। उक्त पोखर की जल जीवन हरियाली के तहत लघु संसाधन विभाग द्वारा 26 अक्टूबर 2019 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा रिमोट द्वारा 35 लाख 38 हजार 192 रुपए की प्राक्कलित राशि से जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया गया था।दो सप्ताह पूर्व जब कब्रिस्तान घेराबन्दी का निर्माण प्रारंभ हुआ तो लोगों ने मामले को लेकर आपत्ति जताई। ततपश्चात काम को रोक दिया गया।
मामले को लेकर इसकी जांच सीओ द्वारा कराई गई। परन्तु सहोड़वा के सैकड़ों ग्रामीणों ने कथित रूप से जनप्रतिनिधियों द्वारा ठेकेदार व एक पक्ष की मिलीभगत से रातों रात पिलर का कार्य कर लिया गया जिस पर शनिवार की सुबह विवाद बढ़ गया। गांव के लोगों ने वहां काम करने वाले राज मिस्त्री व अन्य से हाथापाई भी कर दी। जब इसकी सूचना मिली तो सीओ और संबंधित थाना की पुलिस भी वहां पहुंची। मामले को समझा बुझाकर शांत किया गया। फिलहाल वहां शांति बनाए रखने के लिए एक दंडाधिकारी और पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है।वंही सीओ द्वारा निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई हैं।दोनों पक्षों के चयनित पंचो के उपस्थिति में मंगलवार को बैठक के आधार पर आगे की करवाई की जाएगी।मौके पर पूर्व पंसस अनिल कुमार, वार्ड सदस्य श्याम राय,श्याम ठाकुर,शत्रुघ्न राय,रामस्नेही दास,मुबासिर राजा,पुनीत राय,तस्लीम बैठा समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
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